[🇮🇳 Hindi] अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने इस सप्ताह हमास को एक स्पष्ट चेतावनी दी है। उन्होंने कह

अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने इस सप्ताह हमास को एक स्पष्ट चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि फिलिस्तीनी समूह को स्वेच्छा से निःशस्त्रीकरण करना चाहिए, नहीं तो उसे बलपूर्वक निःशस्त्र किया जाएगा। यह बयान अर्जेंटीना के राष्ट्रपति जेवियर मिलेई के साथ एक बैठक के दौरान आया, जब गाजा पट्टी में तनाव और हिंसा जारी है[1][2]।

ट्रम्प ने कहा कि उन्होंने हमास के प्रतिनिधियों से बात की थी, जिन्होंने उन्हें हथियार डालने की इच्छा जताई थी। हालांकि, उन्होंने जोर देकर कहा कि अगर हमास अपने वादे पर अमल नहीं करता है, तो “हम उन्हें निःशस्त्र कर देंगे, और यह जल्दी और शायद हिंसक तरीके से होगा, लेकिन वे निःशस्त्र होंगे”[1][2]। ट्रम्प ने यह नहीं बताया कि ऐसा अभियान कौन चलाएगा या इसकी कोई सटीक समयसीमा दी, लेकिन उन्होंने कहा कि यह प्रक्रिया “बहुत, बहुत जल्दी” और “उचित समय” के भीतर होनी चाहिए[1]।

ये टिप्पणियाँ एक कठोर रुख को दर्शाती हैं, जबकि अंतरराष्ट्रीय कारक गाजा को स्थिर करने की कोशिश कर रहे हैं, जहाँ महीनों से संघर्ष जारी है। ट्रम्प के बयान ऐसे समय में आए हैं, जब मिस्र में ट्रम्प की अध्यक्षता में हुए एक शिखर सम्मेलन में विश्व शक्तियों द्वारा समर्थित 20-बिंदु गाजा योजना जारी की गई है। इस योजना में गाजा के निःशस्त्रीकरण की मांग की गई है और हमास के उन सदस्यों को माफी देने की पेशकश की गई है, जो “अपने हथियार छोड़ने” के लिए तैयार हैं[1]।

इस क्षेत्र की एक प्रमुख शक्ति इज़राइल का कहना है कि हमास को गाजा में भविष्य में कोई नेतृत्वकारी भूमिका नहीं मिलनी चाहिए, उसे 24 और बंधकों के शव वापस करने चाहिए और अंततः निःशस्त्र हो जाना चाहिए[1]। वहीं, गाजा में एक फिलिस्तीनी सुरक्षा स्रोत ने बताया कि नवगठित “डिटरेंस फोर्स” सुरक्षा और स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए अभियान चला रही है, जो सशस्त्र समूहों से निपटने के लिए आंतरिक प्रयासों का संकेत है[1]।

ट्रम्प ने यह भी खुलासा किया कि उनकी सरकार ने लंबे संघर्ष के बाद व्यवस्था बहाल करने में मदद के लिए अस्थायी रूप से हमास को हथियार रखने की अनुमति दी थी, लेकिन उन्होंने जोर देकर कहा कि यह एक सीमित उपाय था[1]। अंतरराष्ट्रीय समुदाय, जिसमें कई मध्य पूर्वी देश शामिल हैं, ने हमास के निःशस्त्रीकरण का समर्थन किया है, जिसे स्थायी शांति के व्यापक प्रयासों का हिस्सा माना जा रहा है[1][2]।

आगे देखें तो स्थिति अभी भी अस्थिर है। निःशस्त्रीकरण की समयसीमा स्पष्ट नहीं है और बल प्रयोग की धमकी से तनाव बढ़ने की आशंका है। अगले कुछ हफ्ते महत्वपूर्ण होंगे, क्योंकि कूटनीतिक और सुरक्षा प्रयास गाजा के भविष्य को आकार देने में जुटे हैं[1][2]।