दारफुर में एल-फाशेर अस्पताल में हत्या, सैकड़ों की मौत

दारफुर में एल-फाशेर अस्पताल में हत्या, सैकड़ों की मौत

26 अक्टूबर 2025 को Rapid Support Forces (RSF) ने उत्तर दारफुर, सूडान की राजधानी एल-फाशेर पर कब्जा कर लिया। इसके बाद, सऊदी मैटरनिटी अस्पताल में एक नरसंहार की खबरें आईं, जहां 460 से अधिक मरीज और उनके साथी मारे गए। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने इन रिपोर्टों पर गहरी चिंता जताई है।

हमले का विवरण

गवाहों ने बताया कि RSF के लड़ाके अस्पताल में घुसे और वहां मौजूद सभी लोगों को व्यवस्थित रूप से मार डाला, जिनमें मरीज, उनके साथी और मेडिकल स्टाफ शामिल थे। सूडान डॉक्टर्स नेटवर्क ने इस हमले की निंदा की और इसे “पूरी तरह से युद्ध अपराध” करार देते हुए RSF की नागरिक जीवन और स्वास्थ्य सुविधाओं की अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा कानूनों की उपेक्षा की आलोचना की।

अंतर्राष्ट्रीय प्रतिक्रिया

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने एल-फाशेर पर RSF के हमले की कड़ी निंदा करते हुए व्यापक अत्याचारों और जातीय हिंसा की संभावनाओं पर गहरी चिंता व्यक्त की। संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने अस्पताल में जनसंहार की खबरों के बाद सूडान में सैन्य तनाव को तुरंत समाप्त करने की अपील की।

मानवीय संकट

दारफुर में सूडानिस सेना के अंतिम गढ़ एल-फाशेर के पतन ने क्षेत्र में मानवीय संकट को और बढ़ा दिया है। 36,000 से अधिक नागरिक शहर से भाग चुके हैं, जिनमें से कई तविला जैसे शिविरों में शरण ले रहे हैं। सहायता संगठनों का कहना है कि बच्चों में गंभीर कुपोषण देखा जा रहा है और चिकित्सा सहायता की सख्त जरूरत है। अप्रैल 2023 से शुरू हुए इस संघर्ष के परिणामस्वरूप 40,000 से अधिक मौतें हुई हैं और लगभग 14 मिलियन लोग विस्थापित हुए हैं।

जवाबदेही की मांग

RSF द्वारा किए गए अत्याचारों को दर्शाने वाले भयावह फुटेज के जारी होने के बाद वैश्विक स्तर पर निंदा हुई है। मानव अधिकार संगठन और अंतरराष्ट्रीय अधिकारी नागरिकों की त्वरित सुरक्षा और अपराधों के लिए जवाबदेही की मांग कर रहे हैं। अमेरिकी सीनेट ने RSF को विदेशी आतंकवादी संगठन के रूप में नामित करने की सिफारिश की है।