भारत में मौसम का कहर: 7 महीनों में 1,626 मौतें, 1.57 लाख हेक्टेयर फसलें बर्बाद
जनवरी से जुलाई 2025 के बीच भारत में मौसम संबंधी आपदाओं ने गंभीर तबाही मचाई है। इस अवधि में बारिश, बाढ़, तूफान और बिजली गिरने जैसी घटनाओं के कारण 1,626 लोगों की मौत हुई और 1.57 लाख हेक्टेयर से अधिक फसलें नष्ट हो गईं।
उत्तराखंड में बादल फटने से तबाही
उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले के धराली गांव में बादल फटने से अचानक आई बाढ़ ने पूरे गांव को तहस-नहस कर दिया। इस घटना में कई लोगों की जान गई और संपत्ति का भारी नुकसान हुआ।
महाराष्ट्र में फसलों का नुकसान
महाराष्ट्र में 91,429 हेक्टेयर कृषि भूमि पर खड़ी फसलें बर्बाद हो गईं। लगातार बारिश और बाढ़ के कारण किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा।
पंजाब में जलभराव की समस्या
पंजाब में भी भारी बारिश के कारण कई क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति उत्पन्न हुई, जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ और कृषि कार्यों में बाधा आई।
मौसम विभाग की चेतावनी
भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने आगामी दिनों में भी भारी बारिश की संभावना जताई है। 26 से 30 अक्टूबर के बीच महाराष्ट्र, गुजरात, कोंकण, गोवा, ओडिशा, झारखंड, पश्चिम बंगाल, अंडमान-निकोबार, मेघालय, मणिपुर, मिजोरम, अरुणाचल प्रदेश, त्रिपुरा, नागालैंड, केरल, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, रायलसीमा और तमिलनाडु में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।
जलवायु परिवर्तन का प्रभाव
विशेषज्ञों के अनुसार, जलवायु परिवर्तन के कारण भारत में मौसम की चरम घटनाओं की आवृत्ति और तीव्रता बढ़ रही है। यह प्रवृत्ति भविष्य में भी जारी रहने की संभावना है, जिससे देश के विभिन्न हिस्सों में अधिक आपदाएं हो सकती हैं।
